--> दोस्तों की दादागिरी

दोस्तों की दादागिरी

पिछले इतवार की ही बात है.मेरी दोस्त निधि माथुर का बैंगलोर आना हुआ..वो दिल्ली में कार्यरत है और कुछ काम के सिलसिले में बैंगलोर आई हुई थी.सन्डे को मिलना तय हुआ..निधि से मिलना इस लिए भी जरुरी था की हमें मिले हुए पांच सात साल हो गए थे...मैं इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए कर्नाटक में था और वो अपने पढ़ाई के लिए पंजाब में.पटना में भी निधि से कुछ खास दोस्ती नहीं थी, बस जान पहचान सी थी..पिछले साल ही फेसबुक पे फिर से उससे मुलाक़ात हुई और बातों का सिलसिला बढ़ता गया..हमारी दोस्ती फिर से हो गयी और इस बार बहुत अच्छी दोस्ती हुई.हमने कई बार मिलने का सोचा, पिछले साल दिवाली पे वो भी पटना में थी, और मैं भी..लेकिन मुलाक़ात नहीं हो पायी.इस साल मैं दो दफे दिल्ली भी गया, सोचा भी की निधि से मिलूं लेकिन समय कम रहने की वजह से नहीं मिल पाया.

मुझे तो लगा था की जैसा बातों में वो दिखती है, या फिर जैसी वो पटना में थी...सीधी सादी सी...वो वैसे ही होगी. लेकिन मेरा ये अनुमान बिलकुल गलत निकला.हम फ़ूड कोर्ट में बैठे थे, और जैसे ही कुछ निकालने के लिए मैंने बैग खोला, तो उसकी नज़र पड़ गयी बैग में रखे हुए दो किताबों(Wedding at Vangaree Valley, Mills n boons और Mendez Mistress)पर..फिर क्या था अगले ही पल भूखी शेरनी के जैसे उसने झपटा मार दिया बैग पे..दोनों किताब अपने हाथों में लेकर पढ़ने लगी और फिर कुछ देर बाद बोलती है, ये किताब अब मेरी हो गयी..तुम दूसरा खरीद लेना.मैंने जब कहा ये किताबें मेरी नहीं, मेरी बहन की है..तो कहती है - ठीक है मैं उससे बात कर लुंगी..उसे कोई प्रोब्लम नहीं होगी मैं जानती हूँ :)..तुम बस चुप चाप रहो. मैंने उसे धमकी,डांट सब देकर देख लिया लेकिन उसपर कुछ असर ही नहीं हुआ..मुझे लगा की वो मजाक कर रही है और जाने समय किताबें दे जायेगी..लेकिन अंत अंत तक उसे मुझपे रहम नहीं आया और किताबें लेकर चली गयी. तीन दिन बाद जब वो दिल्ली पहुंची तो मुझे फोन कर के जला रही थी - "अभिषेक, यार ट्रेन पे टाईम अच्छे से पास हो गया, थैंक्स फॉर बुक्स" :)


ये पहली बार नहीं जब मुझसे कोई चीज़ या मेरा कोई सामान छिना गया है.मेरे कुछ दोस्त जैसे मिस शिखा सिन्हा, मिस्टर मनीष मलिक, मिस्टर सुदीप चक्रबर्ती, मिस दिव्या सिन्हा अक्सर ये काम करते रहते हैं.शिखा तो मेरे टोपी के पीछे पड़ी रहती थी.मेरे दो टोपियों पे उसने हाथ साफ़ किया था.टोपी के अलावा, कभी पेन ले लेती थी तो कभी नोटपैड तो कभी कुछ.दिव्या सिन्हा के पास मेरी तीन DVDs हैं, जिसके पैसे अभी तक उसने मुझे नहीं दिए..कब का कह गयी थी की अभिषेक तुम्हे पैसे दे दूंगी..."दिव्या अगर तुम ये पढ़ रही हो तो काइंडली गिव माई मनी बैक :P"..  मनीष मलिक भी कम नहीं हैं, वो भी मेरे सामानों पे हाथ साफ़ करते रहते हैं, चाहे मेरा रुमाल हो मोजा या फिर टी-शर्ट..कुछ भी नहीं छोड़ते..सुदीप बाबू की नज़र भी दिव्या के जैसे मेरे DVDs और CDs पे रहती है. सोचता हूँ की अबकी पटना जाऊं, तो सीधे सुदीप के घर पहुँच जाऊं, आंटी को अपनी दुखभरी कहानी सुनाऊंगा, कम से कम मुझे मेरे DVDs के पैसे तो मिल जाएंगे :P


दोस्त तो दोस्त मेरी बहन सब भी कुछ कम नहीं..पिछले साल जून की बात है.३ जून को मेरी बहन ऋचा का जन्मदिन था..उसने भी जबरदस्ती मुझसे मेरा Provouge वाला स्टाइलिश चश्मा ले लिया.बोलने लगी, ये मेरा बर्थडे गिफ्ट है. अब बताइये ऐसे कोई जबरदस्ती गिफ्ट लेता है क्या :P. मैंने कहा उससे ये गिफ्ट हम तुमको नहीं दिए हैं, तुम जबरदस्ती ली हो और हमको थमा दी अपना बकवास वाला चश्मा.(वैसे वो चश्मा भी तुम हमी से ली थी न रे, ?).इसके पास मेरे और भी कई सामान होंगे..शायद मेरे एक दो टोपी भी..अभी याद तो आ नहीं रहा, एक लिस्ट बनाता हूँ मैं सब सामानों की. :)  इसके के ही नक़्शे कदम पे चल रही है बाकी की बहनें.मेरा छोटा वाला डायरी हो या फिर किताब(दीप्ती, याद है न रे? :P)


ये पोस्ट लिखना का मकसद सिर्फ ये है की अगर मेरे दोस्त इसे पढ़ें तो कम से कम मुझपे दया करें और मेरे सामानों को वापस कर दें :P जितनी जल्दी हो सके, वर्ना आखरी उपाय तो कोर्ट का है ही. :)

COMMENTS

BLOGGER: 46
  1. तुम मुझे कब मिलोगे अभिषेक ...??

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  2. नोयडा जब भी आऊंगा तो पक्का मिलूँगा :)

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  3. अपनी सबसे अच्छी डीवीडी का कलेक्शन लेते आना देखनी है !

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  4. हा हा , बिलकुल लेते आऊंगा :)

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  5. अभि कौन कौन से नए dvd ख़रीदे हो इन दिनों या फिर कॉपी किये हो??कुछ इधर भी कर देना तो.plzz :-p अरे सब के पैसे एक बार में चूका दूंगी...पक्का promise :p

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  6. ब‍हुत खूब .......।

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  7. जो गया वो कहाँ मिलेगा भला.... अब आगे की सुध लेऊ ..

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  8. @दिव्या
    रास्ता नापो तो अपना तुम.. :)

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  9. तुम चाहे जो भी कहो, मगर तुम्हारी बात मैं ही समझ सकता हूँ..
    तुम्हारे इस पोस्ट का मतलब ये है कि "देखो दोस्तों, मैं आसान शिकार हूँ.. जब चाहो तब कुछ मेरे पास से छीन लो.. मैं मना नहीं करूँगा.."
    मिलो अगली बार.. फिर पता चलेगा..

    एक बात और पता चली अभी अभी तुमसे.. कि किस तरह तुम शिखा को दो-दो बार टोपी पहना चूके हो.. :)

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  10. aapke friend nidhi to bilkul mere he tarah hai. main hote toh main he aapke kitabein le lete.

    i too lovve reading and mills and boon wow. i have grown up reading those!

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  11. मैं सोच रही हूँ कि .....मैं क्या लूं :)..

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  12. इस छीना झपटी में जो आनन्द है वह और कहाँ। पहले बता दिये होते तो हम भी कुछ छीन लेते। पर याद आया कि कुछ लिये ही नहीं थे आप हाथ में।

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  13. प्रवीण जी, ठीक से याद कीजिये.. वो 'N' Series वाला मोबाईल तो होगा ही इसके पास.. :)

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  14. Nice ha....... but ye khushi anmol hoti hai jab koi aapse chheenkar kuchh apne paas rakh le........ Isi se to pata chalta hai k rishtey ktne strong hain........ Very nice Abhiji :):)

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  15. yaad aa gaye din hostel ke...jab koi naya dress ya naya swetar ek mahine baad bhi pahanane ko mil jaaye to ganeemat..

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  16. मेरा वो सामन लौटा दो ...

    अरे नहीं.... उस सेन्स में नहीं.


    अभी खुशकिस्मत हो जो ऐसे दोस्तों का गिरोह बना रखा है...... आप लोगों की दोस्ती ता-उम्र चलती रहे......

    आज बाबा दिल से आशीर्वाद? दे रहा है

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  17. मेरा वो सामन लौटा दो ...

    अरे नहीं.... उस सेन्स में नहीं.


    अभी खुशकिस्मत हो जो ऐसे दोस्तों का गिरोह बना रखा है...... आप लोगों की दोस्ती ता-उम्र चलती रहे......

    आज बाबा दिल से आशीर्वाद? दे रहा है

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  18. नहीं प्रवीण जी...ऐसा मत कीजियेगा...मुझ गरीब का मोबाइल ले के आपको क्या मिलने वाला है ...
    देखिये प्रशान्त कितना नया नया टेक्नोलोजी वाला चीज़ सब रखे हुए है...उसी से छीन लीजिए :)

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  19. अच्छा है ना..! इसी बहाने गुलज़ार साहब का गाना तो गाओगे..... "मेरा कुछ सामान तुम्हारे पास पड़ा है"

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  20. Ha,ha....bada maza aaya padhke! Mood theek ho gaya!

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  21. ओह सारी, अंदरुनी मामले हैं ....

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  22. फ़ेसबुक की दोस्ती का असर देख लिया ना ? अब ब्लॉगर्स को दोस्त बना कर देखिए। शायद शिकायत दुरुस्त हो जाए आपकी अभिषेक जी। हा हा।

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  23. @बवाल ji
    वैसे वो "निधि" मेरी फेसबुक की दोस्त नहीं कहलाएगी...जान पहचान पहले से ही थी...बस बातचित थोड़ा फेसबुक के जरिये बढ़ा :)
    और भगवान की दया से ब्लोगर्स दोस्तों की भी कोई कमी नहीं हमें...:)
    तो हम फायदे में ही हैं :)

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  24. dosto ki dadagiri bhi achi lagti hai.. bahut karibi dost lagte hai :)

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  25. :)

    I know about your caps :-)

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  26. @प्रीती दी..
    और जलाइए आप हमको...
    पता है वो काला वाला टोपी मेरा कितना फेवरिट था...
    और अब तो वो पागल लड़की उस टोपी को भी भुला दी :(

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  27. @अभि
    हद करते हो..इतने साल हो गए, टोपी भी तो खराब हो सकता है?फट सकता है.
    अच्छा है, और जलो तुम :=) ही ही ही

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  28. Well i knew tum kuch na kuch to jarur likhoge after that commentbaaji on my blog :D :D
    I'll try to attend ur sister's wedding in jan aur us samay tumhare ghar mein mujhe jitni bi kitaaben milengi esp of mills n boons cheen lungi!!

    but really bohat bohat achha laga tumse mil k..n tht too itne dino baad..

    i enjoyed after such a long tyme :-)

    thanks n thanks 4 d books :-)

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  29. डीवीडी का दाम केतना हुआ तनी बताना तो.. खामखा सरे आम पैसा का तगादा अच्छा बात नहीं है.. जनवरी में दिल्लिये से जाओगे न पटना तो अपना कितबवो ले लेना..तुमरा रस्ता कट जाएगा. और छोट बहिन कात अधिकार होबे करता है भैया के सब सामान पर जब तक भौजी आकर ताला ना लगा दे! अरे बेट,जब लिखे थे छोटी छोटी बहनों के बड़े भैया,तब काहे नहीं सोचे थे!
    हमसे जो तुम छीनकर ले गए उसका का!! ऊ त हमको अब नहिंये मिलने वाला है न!! इसलिए तगादा मत करो!! दोस्ती करो!!

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  30. बुझलिस कि ना बुझलिस?? सलिल चच्चा का बात मान लो, और बेसी पीसा पीसा नई चिचियाओ.. नै त एकबैगे सब ठो माल उड़ा लेंगे तुम्हारा यहाँ पटना बला घर से..

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  31. बस दोस्तों ने इतने में ही छोड़ दिया... चलो कोई नहीं अब तो हम भी आ गये हैं.. बचके रहना रे बाबा..

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  32. यह दादागिरी ही तो प्रेम है. अधिकार समझ के दोस्त ऐसा किया करते हैं. वैसे कलेक्शन किताबों का बढ़िया है तो मैं भी दूस्ती कर लूं आप से...

    मुंबई लोकल ट्रेन मैं देखें इंसानों के कई चेहरे एक साथ [18
    जलेबी अगर ये समझे कि उससे ज़्यादा सीधा और कोई नहीं, तो समझती रहे

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  33. अभी मुझे तो लगता है ये पोस्ट लिख कर आप ने खुद अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार ली है पिछला वाला तो कुछ मीला नहीं बचा हुआ भी लोग छिनने चले आये | वैसे आप ने बताया नहीं की और कितनी किताबे और डीवीडी बची है आप के पास ताकि पता तो चले की आप से दोस्ती करने की और कितनी गुंजाईश बची है | :)

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  34. अभिषेक के नए बनने वाले दोस्तों के लिए - अभी अभिषेक से पुराने दोस्तों का हिसाब बाकी है, फिर आप लोगों का नंबर आएगा..

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  35. :) अरे बहुत तकलीफ में हैं आप तो..... वैसे ऐसा सामान कम ही वापस लौटता है......

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  36. 'Mills and Boons' jaisi kitabein padhne ka shauk bhi hai tumhe.. :p

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  37. बेहतरीन पोस्ट लेखन के बधाई !

    आशा है कि अपने सार्थक लेखन से,आप इसी तरह, ब्लाग जगत को समृद्ध करेंगे।

    आपकी पोस्ट की चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है-पधारें

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  38. आपके पास बच्चो के लिए क्या क्या है.....अभी भैया ...

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  39. @प्रशान्त...तुम मेरे ही ब्लॉग पे रहते हो क्या???हर कमेन्ट के बाद कमेन्ट कर रहे हो :P
    और कैसा हिसाब रे...भागो तो यहाँ से

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  40. @चैतन्य
    बच्चों के लिए भी एक दो किताबे मिल सकती हैं..
    आ जाओ तुम भी छीन ले जाओ :)

    @पंकज
    पंकज बाबू मुझे एक समय बहुत शौक था Mills n Boons का..ऐसा शौक की उसके वेबसाइट पे मैंने एक आई-डी भी बना रखा था :P

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  41. hum bhi line me khade hai...mera no kab aayega...waise agar apne no. aane ka wait kiya to kuch bhi haath nahi lagega...is china jhapti me hi shamil hona padega :D

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  42. abhishek line lambi hoti ja rahi hai.
    bach k rehna buddy!! :-P

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  43. दोस्तों की दादागिरी ऐसे ही फले फुले, ताकि आप एक दो पोस्ट और लिखें. वैसे क्या पता कल को आपका कोई पोस्ट पसंद आ जाये तो हम भी कहने लगेगे, ये पोस्ट हमें दे दो अभि.

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  44. हाय राम...इतनी चीजें छीनी जा चुकी और हम बेकार ही दया कर गए...| अगली बार ऐसी गलती नहीं करनी हमें...:P
    वैसे हार्ड डिस्क और लैपटॉप तो लाओगे ही...:) :) :P

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आप सब का तहे दिल से शुक्रिया मेरे ब्लॉग पे आने के लिए और टिप्पणियां देने के लिए..कृपया जो कमी है मेरे इस ब्लॉग में मुझे बताएं..आपके सुझावों का इंतज़ार रहेगा...टिप्पणी देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद..शुक्रिया

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